जब दवाइयाँ जवाब दे जाती हैं… प्यार चमत्कार कर देता है!
जब दवाइयाँ जवाब दे जाती हैं… प्यार चमत्कार कर देता है!
(A beautifully refined final Hindi version)
प्यार एक अदृश्य शक्ति
कहते हैं—“दवा शरीर को ठीक करती है, लेकिन दुआ आत्मा को।”
जीवन में कई पल ऐसे आते हैं जब सारी दवाइयाँ, इलाज और मेडिकल रिपोर्ट्स भी बेबस लगने लगती हैं। तब एक अदृश्य शक्ति हमारी मदद करती है…
वह शक्ति है—प्यार।
पुराणों और शास्त्रों में भी कहा गया है—
“स्नेहः सर्वत्र साधनम्।”
प्यार हर जगह चमत्कार कर सकता है।
“मृदुं मृदुं वचो युक्तं, हृदयं हर्षयेद् ध्रुवम्।”
मधुर शब्द दिल को तुरंत राहत देते हैं।
प्यार की ऊर्जा—सबसे गहरी दवा
जब कोई बीमार होता है, शरीर तो कष्ट झेलता ही है…
लेकिन उससे भी ज्यादा मन टूट जाता है।
इसीलिए आयुर्वेद में कहा गया है।
“मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः।”
मन ही बीमारी और उपचार दोनों का मूल कारण है।
कई बार मन टूट जाए तो दवा असर नहीं करती।
पर किसी अपने की एक मुस्कान…
एक कोमल स्पर्श…
या बस यह कहना—
“मैं हूँ ना, घबराना मत।”
ये चीजें अंदर की जीवन शक्ति को जगा देती हैं।
प्यार शरीर में ‘उपचार शक्ति’ जगाता है
आज विज्ञान भी मानता है कि:
प्यार ऑक्सिटोसिन बढ़ाता है
तनाव घटाता है
रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाता है
दर्द की तीव्रता कम करता है
और व्यक्ति को आशा देता है
यही कारण है कि डॉक्टर भी कहते हैं—
“Positive environment is half treatment.”
हमारे वेद भी यही बताते हैं:
“आयुष्यम् बलम् यशः प्रीति—एतेषां मूलं स्नेहः।”
दीर्घायु, शक्ति और आनंद का मूल प्रेम है।
एक छोटी-सी कहानी
एक माँ ICU में भर्ती थी। चारों तरफ मशीनों की आवाज़, दवाईयों की गंध और डॉक्टरों का तनाव।
उसी समय उनका छोटा बेटा धीरे से ICU में आया…
माँ का हाथ थामा… और बोला—
“मम्मी, जल्दी ठीक हो जाओ… मैं आपको गोद में लेकर घर ले जाऊंगा।”
माँ मुस्कुराई… दो बूंद आँसू गिरे…
और उसी दिन से उनकी हालत सुधरने लगी।
डॉक्टर ने बाद में कहा—
“मेडिसिन important है, पर आज इस बच्चे ने जो किया… उसे हम विज्ञान की भाषा में Love Therapy कहते हैं।"
जिन रिश्तों में प्यार है, वहाँ चमत्कार होते हैं
पति-पत्नी
माँ-बाप और बच्चे
भाई-बहन
दोस्त
विद्यार्थी और शिक्षक
या बस एक इंसान से दूसरे इंसान तक का अपनापन
हर रिश्ता दवा बन सकता है।
क्योंकि—
“स्नेहस्य वशगाः सर्वे।”
प्यार के आगे सब झुक जाते हैं—even diseases.
निष्कर्ष
दवाइयाँ जरूरी हैं।
उपचार जरूरी है।
लेकिन जब मन टूटता है—
प्यार ही उसे फिर से जोड़ता है।
जब शरीर जवाब देता है—
प्यार ही उसकी ऊर्जा वापस लाता है।
जब जिंदगी बताती है “अब कुछ नहीं हो सकता”—
प्यार धीरे से कहता है—
‘अभी बहुत कुछ बाकी है।’
और अंत में यही सत्य है—
“प्रेमः ईश्वरस्य अंशः।”
प्यार वही शक्ति है जो ईश्वर ने भेजी है।
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—Rakesh Kushwaha
(Motivating Minds, Healing Hearts)

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